Constitution of India In Hindi- भारत का संविधान

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Dear Students, आज के इस Lecture में बात करेंगे भारत के संविधान (Constitution of India) के बारे में यानि संविधान का क्या मतलब होता है. भारत के संविधान (Constitution of India ) को किसने और कब बनाया. संविधान को बनाने में कितना समय लगा.

Constitution of India के लेखक कौन है. भारत के संविधान का इतिहास क्या है Constitution आदि से Related ये सारे Topic हम Constitution of India के Lecture में कवर करेगे. तो चलिये दोस्तों, जानते है की ये संविधान किसने और कब बनाया और कितना समय लगा संविधान को बनाने में.

Lectures Covering Topics – Constitution of India In Hindi – भारत का संविधान

  • What Is Constitution Of India – भारत का संविधान क्या है
  • How Long Did It Take To Make The Constitution Of India- भारत का सविधान बनाने में कितना समय लगा
  • Who Are Develop The Constitution Of India – भारीतय सविधान को किसने बनाया
  • Who Is The Writer Of The Constitution Of India – भारत के संविधान के लेखक कौन हैं
  • What Is History Of Constitution Of India – भारत के संविधान का इतिहास क्या है

Constitution Of India – Brief Introduction- भारतीय संविधान भारत का संक्षिप्त परिचय

भारतीय संविधान (Constitution Of India) में अभी केवल 448 अनुच्छेद, तथा 12 अनुसूचियां हैं और ये 25 भागों में विभाजित है। परन्तु इसके निर्माण के समय मूल संविधान में 395 अनुच्छेद जो 22 भागों में divided थे इसमें केवल 8 अनुसूचियां (Schedules) थीं।

संविधान में सरकार के संसदीय स्‍वरूप की व्‍यवस्‍था की गई है जिसकी संरचना कुछ अपवादों (Exception) के अतिरिक्त संघीय (federal) है। केन्‍द्रीय कार्यपालिका (Executive) का सांविधानिक प्रमुख राष्‍ट्रपति है।

भारत के संविधान की धारा (Article) 79 के अनुसार, केन्‍द्रीय संसद की परिषद् में राष्‍ट्रपति तथा दो सदन है जिन्‍हें राज्‍यों की परिषद राज्‍यसभा तथा लोगों का सदन लोकसभा के नाम से जाना जाता है। मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोगों के सदन (लोक सभा) के प्रति उत्तरदायी है। प्रत्‍येक राज्‍य में एक विधानसभा है।

उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक,आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में एक ऊपरी सदन है जिसे विधानपरिषद कहा जाता है। राज्‍यपाल राज्‍य का प्रमुख है। प्रत्‍येक राज्‍य का एक राज्‍यपाल होगा तथा राज्‍य की executive की शक्ति उसमें निहित होगी।

मंत्रिपरिषद, जिसका प्रमुख मुख्‍यमंत्री है, राज्‍यपाल को उसके कार्यकारी कार्यों के निष्‍पादन में सलाह देती है। राज्‍य की मंत्रिपरिष से राज्‍य की विधान सभा के प्रति उत्तरदायी है।

संविधान की सातवीं अनुसूची में संसद तथा राज्‍य विधायिकाओं के बीच विधायी शक्तियों का वितरण किया गया है। अवशिष्‍ट शक्तियाँ संसद में विहित हैं। केन्‍द्रीय प्रशासित भू-भागों को संघराज्‍य क्षेत्र कहा जाता है।

History of Constitution Of India- भारत के संविधान का इतिहास :

भारत का संविधान, भारत का सर्वोच्च (Top) विधान है जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ तथा 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ। यह दिन (26 नवम्बर) भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया है जबकि 26 जनवरी का दिन भारत में गणतन्त्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत का संविधान विश्व के किसी भी गणतांत्रिक देश का सबसे लंबा लिखित संविधान है।

संविधान सभा की बैठक

भारतीय संविधान (Constitution of India) सभा के लिए जुलाई 1946 में चुनाव हुए थे। संविधान सभा की पहली बैठक दिसंबर 1946 को हुई थी। जिसके अस्थाई अध्यक्ष के रूप में डॉ. सचिनदानन्द को चुना गया और दुरसी बैठक 11 दिसंबर को हुई जिसके अस्थाई अध्यक्ष के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसंद को चुना गया |

इसके तत्काल बाद देश दो हिस्सों – भारत और पाकिस्तान में बंट गया था। संविधान सभा भी दो हिस्सो में बंट गई- भारत की संविधान सभा और पाकिस्तान की संविधान सभा। भारतीय संविधान लिखने वाली सभा में 299 सदस्य थे जिसके अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद थे। संविधान सभा ने 26 नवम्बर 1949 में अपना काम पूरा कर लिया और 26 जनवरी 1950 को यह संविधान लागू हुआ।

संविधान सभा के total – 11 अधिवेसन और लगभग 165 बैठक हुई और संविधान की last बैठक 24 जनवरी 1950 को  हुई. इसी दिन कि याद में हम हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। भारतीय संविधान को पूर्ण रूप से तैयार करने में 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन का समय लगा था।

Third World War की समाप्ति के बाद जुलाई 1945 में ब्रिटेन ने भारत संबन्धी अपनी नई नीति की घोषणा की तथा भारत की संविधान सभा के निर्माण के लिए एक कैबिनेट मिशन भारत भेजा जिसमें 3 मंत्री थे। 15 अगस्त 1947 को भारत के आज़ाद हो जाने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1947 से आरम्भ कर दिया।

संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे। जवाहरलाल नेहरू, डॉ भीमराव अम्बेडकर, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे।

इस संविधान सभा ने 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन में कुल 114 दिन बहस की। संविधान सभा में कुल 12 अधिवेशन किए तथा अंतिम दिन 284 सदस्यों ने इस पर हस्ताक्षर किया और संविधान बनने में 166 दिन बैठक की गई इसकी बैठकों में प्रेस और जनता को भाग लेने की स्वतन्त्रता थी।

 भारत के संविधान के निर्माण में संविधान सभा के सभी 389 सदस्यो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, 26 नवम्बर 1949 को सविधान सभा ने पारित किया और इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था। इस सविधान में सर्वाधिक प्रभाव भारत शासन अधिनियम 1935 का है। इस में लगभग 250 अनुच्छेद इस अधिनियम से लिये गए हैं।

भारतीय संविधान के भाग – Parts of Constitution of Indian

भारतीय संविधान को 22 भागों में divided है तथा इसमे 395 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां हैं। तो चलिए देखते है किस तरह से divided किया है

भागविषयअनुच्छेद
भाग 1संघ और उसके क्षेत्र(अनुच्छेद 1-4)
भाग 2नागरिकता(अनुच्छेद 5-11)
भाग 3मूलभूत अधिकार(अनुच्छेद 12 – 35)
भाग 4राज्य के नीति निदेशक तत्व(अनुच्छेद 36 – 51)
भाग 4Aमूल कर्तव्य(अनुच्छेद 51A)
भाग 5संघ(अनुच्छेद 52-151)
भाग 6राज्य(अनुच्छेद 152 -237)
भाग 7संविधान (सातवाँ संशोधन) अधिनियम, 1956 द्वारा निरसित(अनु़चछेद 238)
भाग 8संघ राज्य क्षेत्र(अनुच्छेद 239-242)
भाग 9पंचायत(अनुच्छेद 243- 243O)
भाग 9Aनगरपालिकाएं(अनुच्छेद 243P – 243ZG)
भाग 10अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र(अनुच्छेद 244 – 244A)
भाग 11संघ और राज्यों के बीच संबंध(अनुच्छेद 245 – 263)
भाग 12वित्त, सम्पत्ति, संविदाएं और वाद(अनुच्छेद 264 -300A)
भाग 13भारत के राज्य क्षेत्र के भीतर व्यापार, वाणिज्य और समागम(अनुच्छेद 301 – 307)
भाग 14संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं(अनुच्छेद 308 -323)
भाग 14Aअधिकरण(अनुच्छेद 323A – 323B)
भाग 15निर्वाचन(अनुच्छेद 324 -329A)
भाग 16कुछ वर्गों के लिए विशेष उपबंध सम्बन्ध(अनुच्छेद 330- 342)
भाग 17राजभाषा(अनुच्छेद 343- 351)
भाग 18आपात उपबन्ध(अनुच्छेद 352 – 360)
भाग 19प्रकीर्ण(अनुच्छेद 361 -367)
भाग 20संविधान के संशोधनअनुच्छेद
भाग 21अस्थाई संक्रमणकालीन और विशेष उपबन्ध(अनुच्छेद 369 – 392)
भाग 22संक्षिप्त नाम, प्रारम्भ, हिन्दी में प्राधिकृत पाठ और निरसन(अनुच्छेद 393 – 395)

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Dear Students, मैं आशा करता हूँ की आपको Constitution of India In Hindi का Lecture पढ़ कर समझ में आ गया होगा. की Indian Constitution क्या है. यदि आपको (Constitution of India In Hindi) के Lecture से Related कोई भी Problem है तो आप हमे Comment करके पूछ सकते है.

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Thakur Aman Singh

Hey, I am Aman Singh Tomar from Taj City Agra. Through This Blog I want to share my Knowledge with all of you. Read More >>

2 responses to “Constitution of India In Hindi- भारत का संविधान”

  1. Shashikala Arya says:

    Write about all Articles those are related to this constitution.

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