Essay On Lal Bahadur Shastri In Hindi

Essay On Lal Bahadur Shastri In Hindi लाल बहादुर शास्त्री पर निबंध

Dear Student’s आज के इस Essay में हम पड़ेगे Essay on Lal Bahadur Shastri In Hindi के बारे में. यानी की लाल बहादुर शास्त्री पर निबंध, लाल बहादुर शास्त्री कोन थे और उनका किस जगह जन्म हुआ था और उन्होंने अपने देश के लिए किस आन्दोलन में अपना साथ दिया.

दुसरे प्रधान मंत्री के रूप में देश के लिए क्या क्या किया और देश के लिए उनके सम्पूर्ण भाव को राष्ट्र भी भुला नही सकेगा. Essay On Lal Bahadur Shastri In Hindi के इस निबंध में हम लाल बहादुर शास्त्री के बारे में चर्चा करेगे.

Covering Topics – Essay On Lal Bahadur Shastri In Hindi – लाल बहादुर शास्त्री पर निबंध.

  • Introduction Essay On Lal Bahadur Shastri – लाल बहादुर शास्त्री पर निबंध की प्रस्तावना.
  • Who Was Lal Bahadur Shastri – लाल बहादुर शास्त्री कोन थे.
  • Lal Bahadur Shastri Childhood And Education – लाल बहादुर शास्त्री का बचपन और शिक्षा.
  • Movement By Lal Bahadur Shastri – लाल बहादुर शास्त्री द्वारा चलाये गए आन्दोलन.
  • Lal Bahadur Shastri Political Achievements – लाल बहादुर शास्त्री       राजनीतिक उपलब्धियां.
  • Essay On Lal Bahadur Shastri Conclusion In Hindi – लाल बहादुर शास्त्री के निबंध पर निर्ष्कर्ष.
  • Precious Thoughts Of Lal Bahadur Shastri – लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल बिचार.
  • Essay On Lal Bahadur Shastri In Hindi (300 Word) – लाल बहादुर शास्त्री पर निबंध हिंदी में (300 शब्द)
  • Essay On Lal Bahadur Shastri In Hindi (500 Word) – लाल बहादुर शास्त्री पर 500 शब्दों का निबंध हिंदी में.

दोस्तों, लाल बहादुर शास्त्री जिनका नाम आपने जरुर सुना होगा. यह देश के सच्चे देशभक्त थे. जिन्होंने अपना पूरा जीवन देशभक्ति में लगा दिया था. शास्त्री जी ने एक साधारण परिवार में जन्म लिया था शास्त्री जी का जीवन गाँधी जी के असहयोग आन्दोलन से शुरू हुआ और स्वतंत्र भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री के रूप में समाप्त हुआ. देश के लिए उनके उनके सम्पूर्ण भाव को राष्ट्र कभी भुला नही सकेगा.

Introduction Essay On Lal Bahadur Shastri – लाल बहादुर शास्त्री पर निबंध की प्रस्तावना.

लाल बहादुर शास्त्री हमारे देश के महान कर्न्ति कारियों में से एक थे. लाल बहादुर शास्त्री स्वतंत्र भारत के दुसरे प्रधानमंत्री थे और वह महात्मा गाँधी जी से बहुत प्रभावित थे. उन्होंने “जय जवान जय किसान” का नारा लगाया था जिसका अर्थ होता है की “सेनिक की जय हो, किसान की जय हो”.

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को भारत में उत्तर प्रदेश के मुग़ल सराय में हुआ था. उनके पिता प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे. ऐसे में सब उन्हें मुंशी जी ही कहके बुलाते थे. बाद में उन्होंने राजस्व बिभाग में Clerk (मुंशी) की नौकरी Join कर ली थी. लाल बहादुर शास्त्री की माँ का नाम रामदुलारी था.

प्ररिवार में सबसे छोटे होने के कारण बालक लालबहादुर शास्त्री को सब को लोग प्यार से “नन्हे” कहकर बुलाते थे. जब नन्हे 18 महीने के हुए तब दुर्भाग्य से उनके पिता जी की म्रत्यु हो गयी थी. उनकी माँ रामदुलारी अपने पिता हजारीलाल के घर मिर्जापुर चली गयी थी. कुछ दिनों बाद उनके नाना की भी म्रत्यु हो गयी.

लाल बहादुर शास्त्री भारत के दुसरे प्रधान मंत्री थे. पाकिस्तान के साथ 1965 के युद्ध के दौरान उन्होंने सफलतापूर्वक देश का नेतृत्व किया. युद्ध होने के बाद देश को एक जुट में करने के लिए उन्होंने “जय जवान जय किसान” का नारा लगा दिया. आजादी से पहले उन्होंने स्वतंत्रता आन्दोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्होंने बड़ी सादगी और ईमानदारी के साथ अपना जीवन अपने परिवार के साथ जिया और सभी देशवासियों के लिए एक मिसाल बन गए थे.

Who Was Lal Bahadur Shastri – लाल बहादुर शास्त्री कोन थे.

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म उत्तर प्रदेश के मुग़ल सराय में 2 अक्टूबर, 1904 को हुआ था. यह एक संयोग है की 2 अक्टूबर भी महात्मा गाँधी की जन्म तिथि के रूप में होता है. दोनों विश्व प्रसिद्ध नेता बन गए है. शास्त्री के पिता एक शिक्षक थे शास्त्री ने अपना बचपन गरीबी और तपस्या में बिताया वह जन्म से एक कायस्थ थे और शास्त्री वह डिग्री है जो काशी विधापीठ में पढने के बाद मिली.

वह अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद लाल बहादुर शास्त्री लाला लाजपत राय द्वारा स्थापित सवेर्ट्स ऑफ़ Peoples Society के पूर्णकालिक सदस्य बन गए और समाज सेवा करने लगे. जब उन्होंने ने सुतंत्रता आन्दोलन में भाग लिया था तब वह बहुत छोटे तो और पढ़ाई करते थे. उन्होंने असहयोग आन्दोलन में सक्रिय भाग लिया और 1920 में जेल गए उन्हें आपनी पढाई छोड़ कर जेल जाना पढ़ा.

वह जेल से लौट आए और 1927 में 23 साल की उम्र में शादी कर ली. उन्होंने खुद को कांग्रेस के आन्दोलन से सक्रीय रूप से जोड़ और 1937 में और फिर 1946 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के महासचिव चुने गए. वे उत्तर प्रदेश के गृह मंत्री बने और वहाँ सेवा की 1951 तक उन्होंने अपनी ईमानदारी निष्ठा और कड़ी मेहनत से जवाहरलाल नेहरु का ध्यान आकर्षित किया और 1951 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के रूप में तेयार हुए.

फिर उन्होंने अपने कार्यस्थल को नई दिल्ली स्थानांतरित कर दिया. वे 1952 में राज्यसभा के सदी बनने के बाद फिर वह रेल मंत्री बने. उन्होंने नेतिक जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए रेलवे दुर्घटना के कारण उस पद से इस्तीफा ले लिया था. इस प्रकार उन्होंने दुसरो के अनुसरण के लिए एक अच्छा प्रतिशत निधारित किया. 1958 में उन्होंने वाणिज्य और उधोग मंत्री के रूप में पदभार संभाला. उन्होंने कामराज योजना के तहत इस कार्यालय को त्याग दिया.

लाल बहादुर शास्त्री का बचपन और शिक्षा.

लाल बहादुर शास्त्री ने बचपन अपने मामा रघुनाथ प्रसाद के घर पर विताया था. उनके पिता शारदा प्रसाद की म्रत्यु हो गई जब लाल बहादुर शास्त्री मुस्किल से डेढ़ साल के थे, उनके पिता की मृत्यु के पश्चात उनकी माँ तीन बच्चो की देख भाल करने के लिए मिर्जापुर में अपने पिता के घर में स्थानांतरित हो गई.

लाल बहादुर शास्त्री के जीवन को सही मूल्यों में ढालने में उन्होंने महत्पूर्ण भूमिका निभाई. एक दिलचस्प घटना तब हुई जब लाल बहादुर शास्त्री केवल तीन महीने के थे. उनकी माँ अपने बच्चे के साथ गंगा में स्नान करने गई थी. स्नान घाट पर मैले की भीड़ में उसने अपना बच्चा खो दिया.

मिर्जापुर में अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद, शास्त्री आगे की पढ़ाई के लिए बनारस चले गए। वह हरीश चंद्र विद्यालय में शामिल हो गए, जहाँ वे अपने गणित शिक्षक, निशंकेश्वर प्रसाद मिश्रा से काफी प्रभावित थे, जिन्होंने उन्हें गुरु गोबिंद सिंह, राणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी जैसे महान नेताओं की कहानियाँ सुनाकर अपने छात्रों को प्रेरित किया।

साहस और स्वाभिमान दो सद्गुण थे, जिसने बचपन से ही उनमें गहरी जड़ जमा ली। काशी में रहते हुए, वह अपने दोस्तों के साथ गंगा के दूसरे तट पर मेला देखने गये और वापस जाने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे उनके स्वाभिमान ने उन्हें अपने दोस्तों से पैसे मांगने की अनुमति नहीं दी। वह उनकी जानकारी के बिना उनसे बिछड़ कर अकेले ही घर लोट गये थे

उनके दोस्त उनकी बातों में उन्हें भूल गए और नाव पर सवार हो गए। जब नाव चली गई, तो लाल बहादुर नदी में कूद गये जैसा कि उनके दोस्तों ने देखा कि वह दूसरे छोर पर सुरक्षित रूप से तैर रहे थे। लाल बहादुर शास्त्री के बचपन के संबंध में एक बहुत प्रसिद्ध घटना है। एक दिन, स्कूल से लौटते समय, लाल बहादुर और उनके दोस्त घर के रास्ते में एक बाग में गए।

लाल बहादुर शास्त्री नीचे खड़े थे. जब उनके दोस्त आम के पेड़ पर चढ़ गए। इसी बीच माली ने आकर लाल बहादुर शास्त्री को पकड़ लिया। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री को डांटा और उनकी पिटाई शुरू कर दी। लाल बहादुर शास्त्री ने माली से यह कहते हुए छोड़ने की गुहार लगाई कि वह एक अनाथ है।

लाल बहादुर पर दया करते हुए, माली ने कहा, “क्योंकि आप एक अनाथ हैं, यह सब अधिक महत्वपूर्ण है कि आपको बेहतर व्यवहार सीखना चाहिए”. इन शब्दों ने लाल बहादुर शास्त्री पर गहरी छाप छोड़ी और उन्होंने भविष्य में बेहतर व्यवहार करने की शपथ ली।

लाल बहादुर शास्त्री द्वारा चलाये गए आन्दोलन.

लाल बहादुर शास्त्री वह व्यक्ति थे जिन्होंने स्वाधीनता आंदोलन का समर्थन किया और सत्ता का हस्तांतरण भी किया और यह एक ऐसी कुंजी थी जो भारत के संबंध में किसी भी ताला में फिट हो सकती थी। जब जवाहरलाल नेहरू को आघात लगा, तो उन्होंने शास्त्री जी से कहा कि वह अगले प्रधान मंत्री पद के लिए तैयार है और उन्हें पदभार संभालने के लिए तैयार होना चाहिए, लेकिन उन्हें यकीन था.

जब समय आया, तो सभी राजनेताओं ने शास्त्री के चारों ओर रैलियां कीं क्योंकि वह मृदुभाषी थे, किसी को भी नाराज नहीं करते थे, वे जनता के मूड को देखते थे और उसके अनुसार कार्य करते थे और वे सरल थे, इस उद्देश्य के लिए उन्हें वहां रखा गया था। बस आपको उनकी सरल प्रकृति का एक उदाहरण देने के लिए, वे दिल्ली में एक बार कुतुब मीनार क्षेत्र में एक बैठक में गए थे.

रास्ते में उन्हें एक गन्ने का रस विक्रेता मिला। उस समय गृह मंत्री होने के बावजूद, उन्होंने कार को रोका और बिना सोचे समझे जूस खरीदने के लिए निकल पड़े और यहां तक ​​कि इसके लिए भुगतान करने पर भी जोर दिया। वह सरल थे और शक्ति उन्हें चकाचौंध नहीं करती थी इसलिए उन्होंने अपने पैरों को जमीन पर मजबूती से रखा.

उन्हें 1966 के ताशकंद समझौते में उनकी भूमिका के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है। ताशकंद समझौते के बारे में एक बात जो सामने आती है, वह यह है कि उस समय शास्त्री पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान से मिले थे और इस बात पर अड़े थे कि अंतिम रूप से यह कहना चाहिए कि भविष्य में समस्या भारत और पाकिस्तान के बीच हथियारों का उपयोग किए बिना शांति से हल किया जाएगा.

इसलिए जब अंतिम दस्तावेज तैयार हो गया, तो शास्त्री ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति से पूछा कि उन्होंने अपनी महत्वपूर्ण शर्त क्यों नहीं बताई। अयूब को इसे अपने हाथ से लिखना पड़ा और यह अभी भी हमारे अभिलेखागार के साथ हैमैं शामिल है जिसे पाकिस्तान कभी भी मानने के लिए तैयार नहीं होता है.

लाल बहादुर शास्त्री राजनीतिक उपलब्धियां.

भारत की स्वतंत्रता के बाद लाल बहादुर शास्त्री U.P में एक संसदिप सचिव बने. वे 1947 में पुलिस और परिवहन मंत्री बने. परिवहन मंत्री के रूप में उन्होंने पहली बार महिला कंडक्टरो की नियुक्ति की थी पुलिस विभाग के प्रभारी मंत्री होने के नाते उन्होंने आदेश दिया की पुलिस को पानी को जेट विमानों का उपयोग करना चाहिए और उग्र भीड़ को तितर वितर करने के लिए लाठियां नही खानी चाहिए.

1951 में लाल बहादुर शास्त्री की अखिल भारतीय कांग्रेस की पार्टी के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया और उन्हें चुनाव से सम्बंधित प्रचार और अन्य गतिविधियों को करने में सफलता मिली. 1952 में वे U.P से राज्यसभा के लिए चुने गये रेल मंत्री होने के नाते उन्होंने 1955 में चेन्नई में इंटीग्रल कोच Factory में पहली मशीन स्थापित की.

1957 में लाल बहादुर शास्त्री फिर से परिवहन और संचार मंत्री और फिर वाणिज्य और उधोग ,मंत्री बने 1961 में उन्हें गृह मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया और उन्होंने भ्रष्टाचार निवारण समिति की नियुक्ति की उन्होंने प्रसिद्ध “लाल बहादुर शास्त्री फार्मूला” बनाया.

9 जून, 1964 को लाल बहादुर शास्त्री भारत के प्रधान मंत्री बने. उन्होंने दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए रास्ट्रीय अभियान शेव्त क्रांति को बढ़ावा दिया उन्होंने भारत में खाघ उत्पादन को बढ़ाने के लिए हरित क्रांति को भी बढ़ावा दिया.

लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल बिचार.

Essay on Lal Bahadur Shastri में यानि की लाल बहादुर शास्त्री पर निबंध मैं हमें उनके अनमोल विचारों का वर्णन करना उतना ही जरूरी है जितना कि यह निबंध लिखना जरूरी है. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती 2 को मनाई जाती है. लाल बहादुर शास्त्री जी का जीवन आज के नये युबको के लिए प्रेरणा का एक असीम स्रोत है.

उनके कुछ अनमोल विचारो से आज भी उनके संघर्ष और बुलंद इरादों की झलक साफ़ दिखाई देती है. आज हम यां लाल बहादुर शास्त्री के सर्व्शेस्त्र विचारो, अनमोल विचारो को पढ़कर इनसे कुछ न कुछ सीख कर अपने जीवन में जरुर पालन करेगे. लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल विचार कुछ इस तरह से :-

  • अगर पाकिस्तान को हमारे क्षेत्रों के किसी भी हिस्से पर बलपूर्वक कब्जा करने का कोई विचार है, तो उसे नए सिरे से सोचना चाहिए। मैं स्पष्ट रूप से बताना चाहता हूं कि बल के साथ मुलाकात होगी और हमारे खिलाफ आक्रामकता को कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा।
  • देश के प्रति निष्ठा सभी निष्ठाओं से पहले आती है, क्योंकि इसमें कोई प्रतीक्षा नहीं कर सकता कि बदले में उसे क्या मिलता है.
  • लोगों को सच्चा लोकतंत्र या स्वराज कभी भी असत्य और हिंसा से प्राप्त नहीं हो सकता है.
  • आर्थिक मुद्दे हमारे लिए सबसे ज़रूरी हैं, और यह बहुत जरूरी है कि हम अपने सबसे बड़े दुश्मन गरीबी और बेरोजगारी से लड़ें.
  • आज़ादी की रक्षा केवल सैनिकों का काम नही है, बल्कि हमारे पूरे देश को मजबूत बनना होगा.

Essay On Lal Bahadur Shastri In Hindi (300 Word) – लाल बहादुर शास्त्री पर निबंध हिंदी में (300 शब्द)

शास्त्री जी भारत के दुसरे प्रधानमंत्री थे. वह एक महान देशभक्त और स्वतंत्रता सेनानी थे. उन्होंने अपने देश और अपने लोगो की सेवा के लिए अपना पूरा जीवन समपिर्त कर दिया था. वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता थे. वह पहले व्यक्ति थे जिन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म कब और कहाँ हुआ था.

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को मुग़ल सराय में हुआ था जो उत्तर प्रदेश में है भारत में एक गरीब परिवार में हुआ था उनके पिता का नाम श्री मुंशी प्रसाद श्रीवास्तव था, जो एक स्कूल शिक्षक थे और उनकी माता का नाम राम दुलारी देवी था. वह कायस्थ परिवार से थे. उनके पिता की म्रत्यु हो गयी जब लाल बहादुर शास्त्री जी केवल एक वर्ष और छह महीने के थे.

लाल बहादुर शास्त्री का बचपन और शिक्षा.

बहादुर शास्त्री की शिक्षा मुग़ल सराय और वाराणसी में हुई थी. उन्होंने कशी में विधापीठ से प्रथम श्रेणी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की उन्हें शास्त्री की उपाधि दी गई. शास्त्री 1921 में भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन में शामिल हुए.

लाल बहादुर शास्त्री जी ने कम उम्र में ही राजनीती में भाग लेना शुरू कर दिया था. लाल बहादुर शास्त्री जी महात्मा गाँधी जी से गहरे प्रभावित थे. वह पहले गाँधी और फिर जवाहरलाल नेहरु के वफादार अनुयायी बन गए. 1951 में उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का महासचिव चुना गया. वे रेल मंत्री (1951-1956) बने वे 1961 में गृह मंत्री बने.

जवाहरलाल नेहरु जी की म्रत्यु के बाद शास्त्री भारत के प्रधान मंत्री बने उन्होंने 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान देश का नेतृत्व किया. बड़े ही उद्घोष के साथ “जय जवान जय किसान”का नारा लगाया. इस नारे का मतलब कुछ इस तरह से है.“सेनिक की जय हो और किसान की जय हो” यह नारा युद्ध के दौरान बहुत लोकप्रिय हुआ दुश्मन को बुरी हार दी गई उन्होंने कभी भी हार नही मानी अपने देश के उद्धार के लिए राजनीती का प्रयोग किया.

लाल बहादुर शास्त्री जी की म्रत्यु कब हुई.

शास्त्री जी की म्रत्यु 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में हुई थी भारत उनकी निर्स्वार्थ सेवा कभी नही भूलेगा. उन्हें हमेशा देश के महान शहीदों और नेताओ में गिना जायेगा.

Essay On Lal Bahadur Shastri In Hindi (500 Word) – लाल बहादुर शास्त्री पर 500 शब्दों का निबंध हिंदी में.

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को भारत में उत्तर प्रदेश के मुग़ल सराय में हुआ था. उनके पिता का नाम श्री मुंशी प्रसाद श्रीवास्तव था और वे एक स्कूल शिक्षक थे उनकी माता का नाम रामदुलारी देवी था .लाल बहादुर के पिता की म्रत्यु बचपन में हो गयी. उनकी दो बहने थी पिता की म्रत्यु के बाद उनकी माँ रामदुलारी देवी उन्हें और उनकी दोनों बहनों को अपने पिता के घर ले गई और बही उन तीनो भाई बहनों को लेकर बस गई थी.

लाल बहादुर शास्त्री की शिक्षा और शादी.

शास्त्री जी बचपन से ही इमानदार और मेहनती थे. लाल बहादुर शास्त्री को 1926 में काशी विधापीठ से प्रथम क्षेणी में स्न्नात्क की उपाधि दी गई. तब उन्हें शास्त्री विद्बान की उपाधि दी गई. लाल बहादुर शास्त्री ने बचपन में साहस, संयम, आत्म नियंत्रण, शिष्टाचारऔर निस्वार्थता जैसे गुडो को प्राप्त किया.

लाल बहादुर शास्त्री का विवाह ललिता देवी से हुआ. और लाल बहादुर शास्त्री और उनकी पत्नी दोनों ने 6 बच्चो को जन्म दिया था. उनके बच्चो का नाम कुसुम, हरी, कृष्णा, सुमन, अनिल, सुनील, और अशोक था.

स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान.

लाल बहादुर शास्त्री स्वतंत्रता के लिए राष्ट्रीय संघर्ष की ओर आकर्षित हुए थे वह बहुत छोटी उम्र के थे. वह गांधी के भाषण से बहुत प्रभावित थे जो कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के नींव समारोह में दिया गया था उसके बाद, वह गांधी के एक वफादार अनुयायी बन गए और फिर स्वतंत्रता आंदोलन में कूद गए.

इसके कारण उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा लाल बहादुर शास्त्री को हमेशा माना जाता था कि आत्मनिर्भरता और आत्मनिर्भरता एक मजबूत राष्ट्र बनाने के लिए स्तंभ के रूप में लाल बहादुर शास्त्री अपने कामों से याद किये जायेगा. वह हमेशा प्रचलित जाति व्यवस्था के खिलाफ थे और इसलिए उन्होंने अपना उपनाम छोड़ने का फैसला किया और अपने स्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद, उन्हें शास्त्री उपनाम मिला.

लाल बहादुर शास्त्री का राजनीतिक जीवन

1947 में, भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद लाल बहादुर शास्त्री को परिवहन और गृह मंत्रालय मिला 1952 में उन्हें रेल मंत्रालय दिया गया जब जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु हुई तब लाल बहादुर शास्त्री ने उन्हें केवल 18 महीनों के बहुत कम समय के लिए प्रधान मंत्री के रूप में सफलता दिलाई.

1965 के युद्ध में उन्होंने पाकिस्तान पर जीत के बाद अपनी उपलब्धियां हासिल कीं 11 जनवरी 1966 को उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मृत्यु हो गई. लाल बहादुर शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे वह एक महान व्यक्ति होने के साथ-साथ एक महान नेता थे और उन्हें “भारत रत्न” से पुरस्कृत किया गया था.

उन्होंने हमारे देश को एक बहुत ही प्रशिद्ध नारा “जय जवान जय किसान” दिया है। लाल बहादुर शास्त्री ने समाज सुधारकों और पश्चिमी दार्शनिकों को पढ़ने में समय का उपयोग किया। वह हमेशा “दहेज प्रणाली” के खिलाफ थे और इसलिए उन्होंने अपने ससुर से दहेज लेने से इनकार कर दिया।

लाल बहादुर शास्त्री ने भोजन की कमी, बेरोजगारी और गरीबी जैसी कई प्राथमिक समस्याओं का सामना किया। तीव्र भोजन की कमी को दूर करने के लिए, शास्त्री ने विशेषज्ञों से दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने के लिए कहा। यह प्रसिद्ध “हरित क्रांति” की शुरुआत थी। लाल बहादुर शास्त्री बहुत ही मृदुभाषी व्यक्ति थे।

Essay on Lal Bahadur Shastri Conclusion (निष्कर्ष)

लाल बहादुर शास्त्री अपनी सादगी, देशभक्ति और ईमानदारी के लिए भी जाने जाते थे। भारत ने लालबहादुर शास्त्री के रूप में एक महान नेता खो दिया। उन्होंने भारत को प्रतिभा और निष्ठा दी थी। उनकी मृत्यु अभी भी एक रहस्य है।

लाल बहादुर शास्त्री का राजनीतिक संघ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस था। उनकी राष्ट्रवादी, उदारवादी, दक्षिणपंथी जैसी राजनीतिक विचारधारा थी। लाल बहादुर शास्त्री एक हिंदू धर्म के बड़े नेता है। एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए वे हमेशा आत्मनिर्भर और आत्मनिर्भरता के आधार रहे।

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Dear Students, मैं आशा करता हूँ की आपको Essay on Lal Bahadur Shastri In Hindi (लाल बहादुर शास्त्री पर निबंध) को पढ़कर अच्छा लगा होगा. अब आप भी Essay on Lal Bahadur Shastri In Hindi के बारे में लिख सकते है और लोगो को समझा सकते है. यदि आपको इस Essay on Lal Bahadur Shastri In Hindi से related कोई भी समस्या (problem) है तो आप हमें comment करके पूछ सकते है.

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Thakur Aman Singh

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