Essay On Mahatma Gandhi In Hindi

Essay On Mahatma Gandhi In HindiDear Students, आज के इस Essay में हम पड़ेगे Essay On Mahatma Gandhi In Hindi के बारे में. महात्मा गांधी कौन थे और हमारे भारत देश के लिए महात्मा गांधी का क्या योगदान रहा. महात्मा गांधी ने किस तरह से देश को आजाद कराया. Essay on Mahatma Gandhi यानि की महात्मा गांधी पर निबन्ध में हम पड़ेगे की कैसे महत्तम गाँधी ने पूरे देश को एकता में बंधे और देश को आजाद कराया.

Covering Topics – Essay On Mahatma Gandhi In Hindi – महात्मा गांधी पर हिंदी में निबंध

  • Introduction Essay On Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी निबंध पर प्रस्तावना.
  • Who Was Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी कौन थे.
  • Mahatma Gandhi’s childhood and education – महात्मा गांधी का बचपन और शिक्षा.
  • Movement by Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी द्वारा चलाये गये आंदोलन.
  • Precious Thoughts of Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी के अनमोल विचार.
  • Essay On Mahatma Gandhi Conclusion In Hindi – महात्मा गांधी निबंध पर निष्कर्ष.
  • Essay on Mahatma Gandhi In Hindi (300 Word)- हिंदी में महात्मा गांधी पर निबंध (300 शब्द)
  • महात्मा गांधी पर 500 शब्दों का निबंध हिंदी में.

दोस्तों, हमारे देश में बहुत से महान व्यकितयों ने जन्म लिया जिन्होंने इस देश के लिए बलिदान दिए और हमारे देश को गुलामी के बेड़ियों से आजाद कराया. महात्मा गांधी भी उन्हीं में से एक है जिन्होने अपना समग्र जीवन हमारे देश के लिए न्योछावर कर दिया था.

महात्मा गांधी ने इस देश को आजाद कराने के लिए अनगिनत आंदोलन किये. उनके बहुत  कडहिं परिश्रम के बाद हमारा देश आजाद हुआ है. अब हम आपको यहां पर महात्मा गांधी पर निबंध में उनके बारे में पूरी जानकारी देंगे. तो चलिए आइए पड़ते है Essay On Mahatma Gandhi In Hindi यानि कि महात्मा गांधी पर निबंध.

Introduction Essay On Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी निबंध पर प्रस्तावना

महत्मा गांधी एक देश प्रेमी थे जिन्होंने देश प्रेम के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन जिया. गांधी जी एक आदर्श व्यक्ति थे जिन्हें भारतवासी सदा याद रखेंगे. कई महापुरुषों ने भारत को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त करने के लिए अपना तन-मन-धन परिवार सब कुछ अर्पण कर दिया। ऐसे ही महापुरुषों में से एक थे महात्मा गांधी।

गांधी जी एक युग पुरुष थे जिनके प्रति पूरा विश्व आदर की भावना रखता था। अब हमारे देश में युग पुरुष की उपाधि से सम्मानित महात्मा गाँधी को समाज सुधारक के रूप में जाना जाता है पर महात्मा गाँधी के अनुसार समाजिक उत्थान हेतु समाज में शिक्षा का योगदान आवश्यक है।

2 अक्टुबर 1869 को महात्मा गाँधी का जन्म गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। महत्मा गांधी का पूरा नाम मोहन दास गांधी था. इन्हे मिस्टर गाँधी कहा जाता था. सर्वप्रथम रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा इन्हें एक पत्र में “महात्मा” गाँधी कह कर संबोधित किया गया। तब से संसार इन्हें मिस्टर गाँधी के स्थान पर महात्मा गाँधी कहने लगा.

महात्मा गाँधी ने “अहिंसा परमो धर्मः” के सिद्धांत की नींव रखकर  बहुत सारे आंदोलन के सहयोग से भारत देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराया. वह अच्छे राजनीतिज्ञ के साथ बहुत अच्छे वक्ता भी थे. उनके द्वारा बोले गए अनमोल वचनों को लोग आज भी अनुसरण करते है.

भारत आज भी उनके द्वारा किये गये कार्यों का ऋणी है. हमारे देश में आज भी उनका नाम आदर सत्कार के साथ लिया जाता है. और उनको यद् करने लिए हम आज गाने और उनके विचारों को दोहराते है जैसे:-

‘दे दी हमें आजादी, बिना खड्‍ग बिना ढाल।

साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल।’

Who Was Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी कौन थे?

महात्मा गाँधी का जन्म 2 अक्टूबर सन् 1867 को, पश्चिम भारत (वर्तमान गुजरात) के पोरबंदर में हुआ था। इनके पिता का नाम करमचंद गाँधी तथा माता का नाम पुतलीबाई था। महात्मा गाँधी के पिता कठियावाड़ के छोटे से रियासत पोरबंदर के दिवान थे।

आस्था में लीन माता और उस क्षेत्र के जैन धर्म के परंपराओं के कारण गाँधी जी के जीवन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा। जैसे की आत्मा की शुद्धि के लिए उपवास करना आदि। 13 वर्ष की आयु में गाँधी जी का विवाह कस्तूरबा से करवा दिया गया था।

महात्मा गाँधी को पहली बार राष्ट्र पिता (फादर ऑफ नेशन) कहकर किसने संबोधित किया, यह तो किसी को पता नहीं है परन्तु 1999 में गुजरात की हाईकोर्ट में दाखिल एक मुकदमे के वजह से जस्टिस बेविस पारदीवाला ने सभी टेस्टबुक में लिखा है. और कुछ लोगो का मानना है की रवींद्रनाथ टैगोर ने पहली बार गाँधी जी को राष्ट्र पिता कहा, और सभी देश वासियों से गांधी जी को राष्ट्र पिता कहने को कहा।

30 जनवरी 1948 की शाम दिल्ली स्थित बिड़ला भवन में मोहनदास करमचंद गाँधी की नाथूराम गोडसे द्वारा बैरटा पिस्तौल से गोली मार कर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड में नाथूराम सहित 7 लोगों को दोषी पाया गया। गाँधी जी की शव यात्रा 8 किलो मीटर तक निकाली गई। यह देश के लिए दुःख का क्षण था।

Mahatma Gandhi’s childhood and education – महात्मा गांधी का बचपन और शिक्षा

गाँधी जी का बचपन में पढ़ाई में मन नहीं लगता था पर बचपन से ही उन्हें उचित अनुचित में फर्क पता था। इनकी प्रारंभिक शिक्षा पोरबंदर से संपंन हुई, हाईस्कूल की परिक्षा इन्होंने राजकोट से दिया। और मैट्रीक के लिए इन्हें अहमदाबाद भेज दिया गया। बाद में वकालत करने इंग्लैंड चले गए। वकालत करके लौटने पर वकालत प्रारंभ की। एक मुकदमे के दौरान आपको दक्षिण अफ्रीका जाना पड़ा। वहां भारतीयों की दुर्दशा देख बड़े दुखी हुए। बचपन में गाँधी जी को मंदबुद्धि समझा जाता था। पर आगे चल कर इन्होंने भारतीय शिक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

महात्मा गाँधी का यह मानना था भारतीय शिक्षा सरकार के नहीं अपितु समाज के अधिन है। इसलिए महात्मा गाँधी भारतीय शिक्षा को ‘द ब्यूटिफुल ट्री’ कहा करते थे। शिक्षा के क्षेत्र में उनका विशेष योगदान रहा। भारत का हर नागरिक शिक्षित हो यही उनकी इच्छा थी। गाँधी जी का मूल मंत्र ‘शोषण विहिन समाज की स्थापना’ करना था।

Movement by Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी द्वारा चलाये गये आंदोलन

हिंदुस्तान को आजादी दिलाने के लिए महात्मा गांधी ने अनेकों आन्दोलन किये थे जिनमें से प्रमुख आंदोलन कुछ प्रकार है:-

असहयोग आंदोलन

महात्मा गांधी ने सितंबर 1920 से फरवरी 1922 के मध्य भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन चलाया। लाखों भारतीय के सहयोग मिलने से यह आंदोलन अत्यधिक सफल रहा। जलियांवाला बाग नरसंहार में अंग्रेजों द्वारा चालयी गोलियों के बाद उन्होंने यह आंदोलन चलाया था. जालियां वाले बाग़ मैं सेकण्डों निर्दोष लोगो की जान जाने के बाद वह समझ गए थे की अब अंग्रेजों से सीधे तरह से न्याय नहीं मिलेगा.

नमक सत्याग्रह

गाँधी जी द्वारा चलाये गये अनेकों आंदोलनों में से नमक सत्याग्रह आन्दोलन अत्यन्त महत्वपूर्ण था. 12 मार्च 1930 से साबरमती आश्रम (अहमदाबाद में स्थित स्थान) से दांडी गांव तक 24 दिनों का पैदल मार्च निकाला गया। यह आंदोलन ब्रिटिश सरकार के नमक पर एकाधिकार के खिलाफ छेड़ा गया।

दलित आंदोलन

हमारे देश में छुआ छूत को दूर करने के लिए दलित आन्दोलन चलाया गया था. जिससे देश लोगो में एकता की भावना पैदा हो सके. गाँधी जी द्वारा 1932 में अखिल भारतीय छुआछूत विरोधी लीग की स्थापना हुई और उन्होंने छुआछूत विरोधी आंदोलन की शुरूआत 8 मई 1933 में की।

भारत छोड़ो आंदोलन

अंग्रेजों को भारत से भगाने के लिए भारत छोड़ो आंदोलन चलाया गया था. ब्रिटिश साम्राज्य से भारत को तुरंत आजाद करने के लिए महात्मा गाँधी द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस के मुम्बई अधिवेशन से द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 8 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन आरम्भ किया गया।

चंपारण सत्याग्रह

अंग्रेज गरीब किसानो से कम मूल्य पर जबरन नील की खेती करा रहे थे। इससे किसानों में भूखे मरने की स्थिति पैदा हो गई थी। यह आंदोलन बिहार के चंपारण जिले से 1917 में प्रारंभ किया गया। यह उनकी भारत में पहली जीत थी।

Precious Thoughts of Mahatma Gandhi – महात्मा गांधी जी के अनमोल विचार

Essay on Mahatma Gandhi In Hindi मैं अगर हम महात्मा गांधी के अनमोल विचारों के बारे में न बताए तो आप मान लीजिएगा कि आपका Essay अधूरा रह गया है. महात्मा गांधी तो बहुत ही उदार विचार धारा के थे. भारत में लोग आज भी महात्मा गांधी के विचारों का अनुशरण करते है.

महात्मा गांधी द्वारा बोले गए अनमोल विचार कुछ इस प्रकार से है:-

  • बुरा मत सुनो, बुरा मत देखो, बुरा मत कहो।
  • भूखे व्यक्ति के लिए रोटी ही उसके भगवन है.
  • मैं हिंसा का विरोध करता हूँ क्योंकि जो वो कर रहें हैं वही आप भी।
  • थोड़े अच्छे कर्म बहुत सारे उपदेश लेने जयदा अच्छे है.
  • मन की संस्कृति हृदय के अधीन होनी चाहिए।
  • खुद वो बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।
  • जबतक आपको गलती करने की आजादी न हो तब तक आपके आजाद होने का कोई मतलब नहीं होता है.
  • गरीबी हिंसा का सबसे बुरा रूप है।
  • भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आज आप क्या कर रहे हैं
  • एक स्त्री के लिए उसका चरित्र और पवित्रता ही सबसे बड़ा गहना है.
  • मौन सबसे सशक्त भाषण है। धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी।
  • विनम्रता के बिना सेवा स्वार्थ और अहंकार है।
  • बुराई को सहना भी उतना ही बुरा है जितना खुद बुराई करना।
  • गुस्सा और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं।
  • सोने से पहले व्यक्ति को अपना गुस्सा भूल जाना चाहिए।
  • पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो।
  • सभी धर्म हमे एक ही शिक्षा देते हैं, केवल उनके दृश्टिकोण अलग अलग हैं।
  • शांति का अपना ही प्रतिफल है।
  • प्रार्थना सुबह की कुंजी है और शाम की चटकनी
  • कोई कायर प्यार नहीं कर सकता है यह तो बहादुर की निशानी है
  • आँख के बदले में आँख पूरे विश्व को अँधा बना देगी।
  • मैं सिर्फ लोगों के अच्छे गुणों को देखता हूँ, ना की उनकी गलतियों को गिनता हूँ।
  • परिपूर्ण अहिंसा कठिन है। यह कोई कमजोरी स्वीकार नहीं करता।

Essay On Mahatma Gandhi Conclusion In Hindi – महात्मा गांधी निबंध पर निष्कर्ष

गांधीजी ने अपने अच्छे विचारों से देश को अखंडता को मजबूत किया और उन्होंने अपने सबसे अच्छे विचार अनेकता में एकता पर बल दिया. गांधीजी ने देश में शांति की स्थापना की और अपने पूरे जीवन में सत्य का साथ दिया.

गांधीजी ने प्रेम और भाईचारे की भावना से भारत की जनता को एकता में बांध रखा था। भारत की आजादी के पश्चात देश दो टुकड़ों में विभाजित हुआ भारत-पाकिस्तान। इस बात का उन्हें बहुत दुख पहुंचा। और गांधीजी ने कहा कि जो जिस देश में रहना चाहते है वो उस देश में रह सकते है.

हमारा दुर्भाग्य था कि इस नेता का मार्गदर्शन हम स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद अधिक समय तक नहीं पा। आज गांधीजी हमारे बीच नहीं हैं, किंतु उनके आदर्श सिद्धांत हमें सदैव याद रहेंगे। उनका नाम अमर रहेगा।

आश्चर्य की बात है, शांति के “नोबल पुरस्कार” के लिए पांच बार नॉमिनेट होने के बाद भी आज तक गाँधी जी को यह नहीं मिला। सब को अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले प्रिय बापू अब हमारे बीच नहीं हैं पर उनके सिद्धान्त सदैव हमारा मार्ग दर्शन करते रहेंगे।

Essay On Mahatma Gandhi In Hindi – महात्मा गांधी पर 500 शब्दों का निबंध

Essay on mahatma Gandhi का 500 शब्दों का निबंध बाहरवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए है

प्रस्तावना (Introduction)-

महात्मा गांधी एक महान देशभक्त भारतीय थे. वह एक अविश्वसनीय रूप से महान व्यक्तित्व के व्यक्ति थे। इसके अलावा, भारतीय स्वतंत्रता के लिए उनके प्रयास अद्वितीय हैं।

सामाजिक और राजनीतिक सुधार में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी। महात्मा गांधी ने समाजाजिक बुराइयों से छुआ छूत से समाज को आजादी दिलायी। इसलिए, कई उत्पीड़ित लोगों को उसके प्रयासों के कारण बहुत राहत मिली। इन प्रयासों के कारण महात्मा गांधी एक प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय व्यक्ति बन गए. उन्होंहने देश को गुलामी के बेड़ियों से मुक्त किया.

ब‍चपन एवं शिक्षा (Education & childhood):-

महात्मा गाँधी का जन्म 2 अक्टूबर सन् 1867 को, पश्चिम भारत (वर्तमान गुजरात) के पोरबंदर में हुआ था। इनके पिता का नाम करमचंद गाँधी तथा माता का नाम पुतलीबाई था। महात्मा गाँधी के पिता कठियावाड़ के छोटे से रियासत पोरबंदर के दिवान थे। 30 जनवरी 1948 की शाम दिल्ली स्थित बिड़ला भवन में मोहनदास करमचंद गाँधी की नाथूराम गोडसे द्वारा बैरटा पिस्तौल से गोली मार कर हत्या कर दी गई

प्रारंभिक शिक्षा पोरबंदर से संपंन हुई, हाईस्कूल की परिक्षा इन्होंने राजकोट से दिया। और मैट्रीक के लिए इन्हें अहमदाबाद भेज दिया गया। बाद में वकालत करने इंग्लैंड चले गए। वकालत करके लौटने पर वकालत प्रारंभ की। एक मुकदमे के दौरान आपको दक्षिण अफ्रीका जाना पड़ा। वहां भारतीयों की दुर्दशा देख बड़े दुखी हुए। बचपन में गाँधी जी को मंदबुद्धि समझा जाता था। पर आगे चल कर इन्होंने भारतीय शिक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

सिद्धांत (Theory):-

गांधीजी ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए सत्याग्रह आन्दोलन को अपना प्रमुख अस्त्र बनाया। असहयोग आंदोलन एवं सविनय अवज्ञा आंदोलन का नेतृत्व किया। गांधीजी के उच्चादर्शों एवं सत्य के सम्मुख उन्हें झुकना पड़ा और वे हमारा देश छोड़ चले गए। इस प्रकार हमारा देश 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ।

गाँधी जी की अफ्रीका यात्रा:-

दक्षिण अफ्रीका में गाँधी जी को भारतीय पर हो रहे प्रताड़ना को सहना पड़ा। फर्स्ट क्लास की ट्रेन की टिकट होने के बावजूद उन्हें थर्ड क्लास में जाने के लिए कहा गया। और उनके विरोध करने पर उन्हें अपमानित कर चलती ट्रेन से नीचे फेक दिया गया। इतना ही नहीं दक्षिण अफ्रीका में कई होटल में उनका प्रवेश वर्जित कर दिया गया।

गाँधी वादी विचार धारा:-

  • विनम्रता के बिना सेवा स्वार्थ और अहंकार है।
  • अच्छा काम करने से इंसान को अच्छी मंज़िल प्राप्त होती है।
  • जहाँ प्रेम है, वहां ईश्वर है.
  • आप बंद मुट्ठी से हाथ नहीं मिला सकते हैं
  • सत्य एक है, मार्ग कई
  • सत्य बिना जन समर्थन के भी खड़ा रहता है. वह आत्मनिर्भर है
  • हम जिसकी पूजा करते हैं, उसी के समान हो जाते हैं
  • श्रद्धा का अर्थ है आत्मविश्वास और आत्मविश्वास का अर्थ है ईश्वर में विश्वास।
  • काम की अधिकता नहीं, अनियमितता आदमी को मार डालती है।

उपसंहार (Conclusion):-

गांधीजी ने अपने अच्छे विचारों से देश को अखंडता को मजबूत किया और उन्होंने अपने सबसे अच्छे विचार अनेकता में एकता पर बल दिया. गांधीजी ने देश में शांति की स्थापना की और अपने पूरे जीवन में सत्य का साथ दिया.

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Dear Students, मैं आशा करता हूँ की आपको Essay On Mahatma Gandhi (महात्मा गांधी पर हिंदी में निबंध) को पढ़कर अच्छा लगा होगा. अब आप भी Essay On Mahatma Gandhi के बारे में लिख सकते है और लोगो को समझा सकते है. यदि आपको इस (Essay On Mahatma Gandhi) से related कोई भी समस्या (problem) है तो आप हमें comment करके पूछ सकते है.

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Thakur Aman Singh

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