Essay on My Hobby In Hindi मेरा शौक – रूचि पर निबंध

Essay on My Hobby In hindi-मेरा शौक - रूचि पर निबंधप्रिय छात्रों, आज के इस निबंध में हम पड़ेगे Essay on My Hobby In Hindi के बारे में. यानि की मेरा शौक – रूचि पर निबंध के बारे में. मेरा प्रिय शौक पर निबंध, मेरी प्रिय रूचि पर निबंध, Essay on my hobby in Hindi, my hobby essay in Hindi. तो आज हम मेरा प्रिय शौक और मेरी प्रिय रूचि पर निबंध आदि के बारे में हम Essay On My Hobby In Hindi में चर्चा करेंगे.

Covering Topics – Essay on My Hobby In Hindi – मेरा प्रिय शौक – रूचि पर निबंध

  • Introduction Essay on My Hobby In Hindi – मेरा शौक पर निबंध की प्रस्तावना
  • Essay on My Hobby Conclusion In Hindi – मेरी रुचि पर निबंध पर निष्कर्ष
  • Essay on My favorite Hobby shayari In Hindi – मेरी प्रिय रूचि शायरी पर निबंध
  • Essay on My Hobby In Hindi 300 Word- मेरी रुचि पर निबंध 300 शब्द
  • Essay on My Hobby In Hindi 500 Word – मेरी रुचि पर निबंध पर 500 शब्द

दोस्तों, Essay on my hobby in Hindi यह एक ऐसा निबन्ध है जिसमे सभी लेखक अपनी अपनी रुचि या शौक के बारे में लिखते है. सभी लेखकों की अपनी अपनी रूचि अलग अलग फील्ड और काम में होती है. और मेरा ऐसा मानना है की दुनिया में हर प्राणी की कोई न कोई रूचि तो होती ही है.

किसी की रुचि खेल में होती है तो किसी की रूचि पड़ने में होती है तो वही पर किसी व्यक्ति का शौक खाना बनाने आदि में भी हो सकती है. ठीख उसी तरह मेरी रुचि पर निबंध इस पर मैं अपनी रुचियों के बारे में लिख रहा हु. आपको सिर्फ निबंध लिखने के तरीकों के देखना है और हमारी रुचियों की जगह आपको अपनी रूचि के बारे में लिखना है.

आपका जिस तरह का शौक है आप उसी के बारे में लिखेंगे. अगर जो रुचि या शौक मेने अपने लिखे है वही शौक आपके भी है तो आप बेशक इसे अच्छी तरह से यद् करके अपनी परीक्षा में लिख सकते है. और में ऐसी आशा करता हूँ की आप इस निबंध को पूरा पड़ेगे और अंत में अपने शौक के बारे में लिख कर हमें भेजेंगे.

Introduction Essay on My Hobby In Hindi – मेरा शौक पर निबंध की प्रस्तावना

जब व्यक्ति अपनी जॉब या दिनचर्या के काम से आजाद होकर जो भी अतिरिक्त करए करर्ता है वह उस व्यक्ति की रूचि होती है. की वह फ्री समय में क्या करना पसंद करता है. और सभी व्यक्ति कोई न कोई एक खास शौक या रूचि रखता है. उसके वह शौक उसे खुश रक्ते है और उस शौक के कार्य को करने पर वह आनन्द होता है.

जो व्यक्ति अपने जीवन अचे शौक रखते है वह कभी भी निरूत्साहित नहीं रहते है. और हमेशा उन्हीं रुचियों के कारण खुश रहता है. किसी व्यक्ति की अच्छी सफलता और विकास के लिए अच्छे शौक होना अति आवश्यक है. सभी व्यक्तियों की अलग अलग तरह की रुचियाँ होती है.

जैसे बागवानी, फोटोग्राफी, मछली पकड़ना, चित्रकला, उड़ान पतंग, किताबें लिखना, व्यायाम करना, मूर्तिकला, कढ़ाई, बुनाई, खाना बनाना, शूटिंग करना, किताबें पढ़ना, किरकेट खेलना, गाने गाना, बॉक्सिंग करना, टेलीविजन देखना, संगीत सुनना, संगीत वाद्ययंत्र बजाना, पक्षी-देखना, पढ़ाना, शायरी लिखना इत्यादि हैं।

मेने जो रूचि लिखी है हो सकता है इनमे से कोई रूचि आपको भी हो जिसे आप खाली समय मैं बहुत ही ख़ुशी के साथ पूरी करते हो. थेख इसी तरह हर व्यक्ति की अलग अलग रूचि होती है.

Essay On My Hobby In Hindi – मेरी प्रिय रूचि पर निबंध

दोस्तों मेरा प्रिय शौक पढना है. मुझे पढ़ाना और पढ़ना दोनों ही बहुत अच्छे लगते है. मैं किताबे, अख़बार, पत्रिकाएं, जो भी पड़ने योग्य होता है वो सब पढता हो और ये सब पढ़कर मुझे बहुत ख़ुशी होती है साथ ही मेरा ज्ञान और भी बढ़ता है. और सबसे दिलचस्प किताब जो पड़ने मैं मुझे हमेशा अच्छी लगती है उसका नाम है “रिच डैड पुअर डैड”.

मेरा ऐसा मानना है कि जीवन में सभी समस्याओं का हल इन्हीं किताबों में है. क्योंकि मेरी सभी समस्या इन्हीं किताबों के माध्यम से हल होती है. और सही मायने में देखा जाये तो पढ़ना मेरा कार्य है जिसे में बहुत ही शौक से करता हूँ. जब में बहुत छोटा था तभी से मुझे कहानी सुनाना, अपने देश के वीर जवानों के गाथा सुनना बहुत अच्छा लगता था.  में अपने दादा और दादी से कहानी सुना करता था.

कुछ समय बाद मेरे दादा जी नहीं रहे और मेरे पापा ने मुझे किताबे और कहानी खुद से पढ़ने के लिए कहा. फिर मेने खुद से ही पढ़ना शुरू कर दिया. और धीरे धीर में कहानी, अख़बार, पत्रिका आदि पड़ने लगा. अब मुझे पढ़ने के लिए किसी की जरूरत नहीं होती थी. पड़ने से मुझे नई नई चीजों के बारे में पता चलता जोकि मुझे और अधिक पड़ने को उत्साहित करती है.

पड़ने के फायदे तो आप इस तरह से अनुमान लगा सकते है की में छोटी मोटी पारिवारिक या गांव की छोटी मोटी समस्याओं को हल करने के लिए में अपनी राय भी देने लगा हूँ. अब जब में ऑफिस से घर जाता हूँ तो सारे काम खत्म करने के बाद अभी भी नयी किताबें पढ़ता हूँ. क्योंकि मुझे यह अच्छी तरह से ज्ञात है कि पड़ने से ही हमारे अपूर्ण ज्ञान को पूर्ण किया जा सकता है.

व्यर्थ समय का सही उपयोग सिर्फ किताबें पढ़ना ही है क्योंकि इससे आपको ज्ञान, उत्साह, ख़ुशी सूचना मिलती है. सबसे अच्छी बात तो यह है कि इस ज्ञान से ही हमारे जीवन को सफलता मिलती है. और मेरा शौक कुछ इस तरह का है जिसकी कोई उम्र नहीं है. इस शौक को कभी भी पूरा किया जा सकता है.

मेने पड़ने से ही जाना कि हमारा देश कृषि प्रदान देश है, हमारी दुनिया प्रकृति के बारे में जाना, मेंने नैतिक जीवन की बारे में भी जाना है. मेने कई ऐतिहासिक और पौराणिक कथाएं भी पड़ी जैसे रमणी, महारभारत, मनुस्मृति आदि इन ग्रन्थों से मेने बुराई पर अच्छाई की जीत को समझा. इन महाग्रंथों से मुझे जीवन जीने की नयी नयी राहें मिली.

मेरे परम गुरु “श्री नीरज परमार जी” ने भी मुझे यह बताया था कि किसी मनुष्य में पढ़ने की आदत एक हीरे से भी अधिक मूल्यवान होती है. और उन्होंने बताया की किताबों के पढ़ने से व्यक्ति जीवन में सदैव खुश और उत्साहित रहता है. यह हमें अलग अलग क्षेत्रों में कार्य करने के लिए उच्च स्तर का ज्ञान, अच्छी सोच, आदर्श विचार, धर्म-ज्ञान प्रदान करती है.

Essay on My Hobby Conclusion In Hindi – मेरी रुचि पर निबंध पर निष्कर्ष

किसी व्यक्ति के लिए अच्छी किताबें पढ़ना अच्छे मित्र के समान होती है जो उसके गिरने पर हमेशा संभालती है. बिना किताबों के पढ़ने और बिना ज्ञान के मनुष्य धनवान होते हए भी गरीब की तरह ही होता है क्योंकि उसे किसी भी मूलयवान वस्तुं का ज्ञान ही नहीं होगा.

मैं ऐसा मानता हु की एक पढा लिखा व्यक्ति जिसके पास किताबों के ज्ञान है वह किसी भी जगह किसी भी व्यक्ति की साथ बहुत ही जल्दी अपना ताल मेल बना लेता है. और प्रकृति के साथ खुद को ढाल लेता है. पढ़ने से आपका दिमाग एक बिना पड़े मौश्य से अधिक तेज होता है वह तेजी से किसी भी समस्या का हल निकाल सकता है.

गुरु चाणक्य ने भी अपनी पुस्तक चाणक्य नीति में लिखा है की एक पढा लिखा व्यक्ति ही अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है. पढ़ा लिखा व्यक्ति किसी भी समस्या को एक से अधिक दृष्टिकोण से देख सकता है और उसका जल्दी से जल्दी और आसान से आसान हल निकल सकता है.

मेरे इसी शौक के बजह से समाज में लोग मुझे सम्मान देते है और अपने कॉलेज में मुझे सभी गुरु विद्यार्थी एक अच्छे छात्र के रूप में जानते है. मेने अपनी इसी रूचि के ज्ञान से कई बार सम्मलेन और विद्यालों में भरण भी दिए है जिसे लोगो ने बहुत ही अच्छी तरह से सुना भी है. लोगो का मुझे सुनना और उनका तालियां बजाना मेरी रूचि के लिए किसी पुरष्कार से कम नहीं होता है.

जब मेरे दोस्त और परिवार या रिश्तेदार मेरे घर आते है तो वह मुझसे हमेशा नयी किताबों के बारे में पूछते है. मुझसे नयी किताब के बारे में सुनते भी है. मेरी इस रुचि का फायदा मेरे पडोसी भी खूब उड़ाते है वो अक्सर मेरे पढ़ने के बाद मेरी नयी किताबें पढ़ने के लिए लेकर जाते है.

मेरी रूचि पर निबंध Essay on My Hobby In Hindi – Essay On My Hobby Poem Writing

अगर में अपनी बात करूँ तो मेरे बहुत सारे शौक है लेकिन मेरी सबसे प्रिय रूचि शायरी लिखना है. जब भी मुझे अपने काम से फुर्सत मिलती है तो में खाली समय में शायरी लिखता हूँ. मुझे शायरी लिखना और पढ़ना दोनों ही बहुत अच्छे लगते है. जब मैं बहुत छोटा था तबसे में शायरी लिखता हूँ.

मुझे डॉ. विष्णु सक्सेना और राहत इंदौरी के साथ साथ डॉ. कुमार विश्वास सबसे अधिक पसंद है क्योंकि ये तीनो ही ज़्यदातर प्रेम और मातृभूमि के लिए लिखते है. और में भी प्रेम भरी शायरी और मातृभूमि के लिए लिखता हूँ. में अक्सर अपनी शायरी लिखकर अपने स्कूल, कॉलेज के दोस्तों को सुनाया करता था और मौका मिलने पर स्कूल के फंक्शन में भी में अपनी शायरी सुनाया करता था.

सभी लोग मुझे बहुत ही अच्छे से सुनते थे उनके दुरा मिली प्रतिक्रिया से मुझे बहुत अच्छा लगता था फिर में और भी अच्छी तरह से लिखने की कोशिश करने लगा. अब तो माहौल कुछ इस तरह का है की लोगो को जहां भी मौका मिलता है वो मुझसे शायरी जरूर सुनना पसंद करते है.

में जब भी कुछ लिकता हु अपने घरवालों को भी सुनता था. फिर एक दिन मुझे मेरे दोस्त ने कहा की तुम इसी शौक को अपना काम क्यों नहीं बनाते हो. फिर मेने अपनी शायरी लिखने की रूचि के लिए एक वेबसाइट बनाई जिस पर में अभी शायरी लिखकर डालता हु जिसे मेरे यूजर बहुत पसंद करते है.

दूसरों कवियों को सुनकर मुझे भी लगा की में भी लिख सकता हु फिर मेरी एक दोस्त को खुश करने के लिए मेने एक शायरी लिखी उसे बहुत पसंद आयी. और ये शौक कब मेरी आदत बन गयी मुझे पता भी नहीं लगा. अब में शायरी लिखने के लिए दिन में एक या दो घंटे निकाल ही लेता हूँ. हाल ही में लिखी हुई मेरी कुछ शायरी

1) अब तो बस मेरी एक ही खुवाहिश है, की मैं…!

अपनी एअक खुवाहिश की हर एक खुवाहिश पूरी करूँ…!

2) बड़ी अजब आरजू है इस दिवाने की,

खुशबू बनकर उनके सांसो में समा जाने की।

धड़कन बनकर उनके दिल मैं धड़कना चाहता हूँ,

उनको उन्ही से मांगना चाहता हूँ।

3) मेरे इश्क़ से मिली है, उन्हें हुशन की ये शोहरत !

उनका ज़िक्र ही कहाँ था, मेरी दीवानगी से पहले !

लोग मुझे समझते है बेवफा,

कोई उनको अब्तर कहता ही कहा था मेरे दफ़न से पहले !

Essay on My Hobby Reading News 300 Word – मेरी रुचि पर निबंध 300 शब्द

दोस्तों, बिना किसी Hobby के जीवन नीरस होता है. सभी लोगो को जीवन में सफलता के लिए कोई न कोई रूचि रखनी आवयश्यक है. हर व्यक्ति की अलग अलग तरह की रूचि होती है. ठीख उसी प्रकार मेरी सबसे प्रिय रुचि समाचार पढ़ना और देखना है.

समाचार पढ़ने और देखने से मुझे देश विदेश में हो रही सभी गतिविधियों का पता चलता रहता है. में अपनी इस रूचि की मदद से हमेशा अप तो डेट रहता हूँ. मुझे अपने ऑफिस में, घर मैं, ट्रैवलिंग करते समय जहां भी मौका मिलता है मैं अपना समाचार सुनना शुरू कर देता हु. मेरी इस रुचि से सभी खुश रहते है क्योंकि मैं अपने मिलने वालों के देश विदेश में हो रही सभी गतिविधियों के बारे में बता रहता हु.

मेरी इस अख़बार पढ़ने समाचार सुनने की Hobby से मेरे कार्यों में कोई फर्क नहीं पड़ता और अब तो यह भी मेरे एक कार्य का हिस्सा बन गया है. मुझे लगता है कि, मेरा यह शौक बहुत अच्छा है, क्योंकि अख़बार पढ़ने समाचार देखने से मुझे विभिन्न क्षेत्रों के बारे में जानकारी मिलती है.

मेरे माता-पिता, गुरु, और मेरे दोस्त मेरी इस आदत की प्रशंसा करते हैं और उन्हें उस समय बहुत खुशी होती है, जब वे मुझसे सभी ताजा खबरों को सुनते हैं. मुझे यह शौक मेरे बचपन से ही है जब में कक्षा 5 मैं पढ़ता था और मुझे स्कूल के लिए एक प्रोजेक्ट बनाना था जिसमे मुझे महीने की अहम् खबरों का कलेक्शन करना था.

सही ढंग से समाचार सुनना, हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हमें दुनिया भर में होने वाली सभी घटनाओं के बारे में ताजी जानकारियों के विषय में बताता है. दुनिया भर में घटित होने वाली घटनाओं के बारे में जानकारी रखना वर्तमान समय के आधुनिक समाज में बढ़ती हुई, प्रतियोगिता के कारण बहुत अधिक महत्वपूर्ण हो गया है.

निष्कर्ष (Conclusion)

हमारी प्रिय रूचि हमें जीवन में सफल बनाती है और सफलता की नयी नयी राह दिखाती है. जीवन में आगे बढ़ने के लिए उत्साह प्रदान करती है. हम अपने रूचि के अनुसार ही भविष्य में अपना करियर निश्चित कर सकता है. वयक्ति की अच्छी रूचि ही जीवन में उसकी सफलता का कारण बनती है.

Essay on My Hobby In Hindi 500 Word – मेरी रुचि पर निबंध पर 500 शब्द

Essay On My Hobby In Hindi 500 Word यानि की मेरी प्रिय रूचि पर 500 शब्दों का निबंध. यह निबंध यात्रा पर निबंध है यानि की मेरी प्रिया रूचि यात्रा पर निबंध है. मेरी तरह बहुत सारे लोगो की हॉबी होती है यात्रा करना तो चलिए पढ़ना शुरू करते है मेरी प्रिय रूचि यात्रा पर निबंध.

प्रस्तावना (Introduction):-

किसी व्यक्ति की उसकी प्रिय रूचि उसके द्वारा किये गये दिनचर्या के कार्यों की तुलना में एक विशेष कार्य जो ख़ुशी से किया जा रहा हो वह उस व्यक्ति की प्रिय रूचि होती है. जो की उस व्यक्ति की सबसे बड़ी आदत है. एक Hobby का होना बहुत अच्छी आदत है जो हर व्यक्ति के अंदर होनी चाहिए.

खाली दिमाग शीतन का घर होता है और अच्छी Hobby आपके दिमाग को खाली नहीं बैठने देगी वो आपको उस कार्य को करने के लिए प्रेरित करती है. यह कभी भी हमें अकेलापन महसूस नहीं करती है और मानसिक रोगी होने से बचाती है.

मेरी रुचि पर निबंध (Essay on my hobby):-

दोस्तों मेरी प्रिया रूचि यात्रा करना है. मुझे हर तरह की यात्रा पसंद है: कार से, ट्रेन से, विमान से और पैदल यात्रा करके. लेकिन मैंने अभी तक जहाज से यात्रा नहीं की है. और मुझे आज भी याद है अपने थोड़ा समझदार होने के बाद जब मैं पहली बार अपने स्कूल की तरफ से अपने देश भारत की कुछ प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा करने के लिए निकला था सभी दोस्त और गुरु मेरे साथ थे.

तब मेने जाना की यात्रा करने भी हमारी एक शिक्षा का ही हिस्सा है इससे हमें ज्ञान मिलता है. किसी लेखक ने खूब लिखा है की व्यक्ति एक किताब से उतना नहीं सीख पाता है जितना वह एक यात्रा से सीखता है. एक यात्रा से व्यक्ति कंई संस्कृति, नया रहन सहन, नयी भसह, न्य खान पान सीखता है.

घूमने फिरने से व्यक्ति फिट रहता है और मानसिक थकान भी दूर होती है. यात्रा करते समय आप सिर्फ यात्रा नहीं कर रहे होते हैं. आप बहुत कुछ देख रहे होते हैं, बहुत कुछ गलतियाँ कर रहे होते हैं. जिनसे आप सीखते है. आप कई चुनौतियों का सामना करते हैं, जिंदगी को जीने का एक अलग नजरिया मिलता है. यात्रा करने से एक न्य अनुबह्व मिलता है जो जीवन में समस्याओं को हल करने में लाभदायक होता है.

यात्रा करने से आपका सोशल नेटवर्क बढ़ता है सोचिए आप किसी छोटे-से शहर में रहते हैं तो आपको कौन जानता है? आपके रिश्तेदार, दोस्त और परिवार. जो ज्यादा से ज्यादा कुछ शहरों में रहते होंगे. लेकिन जब आप ट्रैवल करते हैं तो आप ना जाने कितनों लोगों से मिलते हों, उनसें बात करते हो और उनके साथ रहते भी हो. ये सब होने से आपको सोशल नेटवर्क बढ़ाता है.

यात्रा से मैं अपने विश्वदृष्टि और मन का विस्तार कर सकता हूं. खुश रहने के लिए यात्रा से कुछ अच्छी यादें समेट सकता हु. भविष्य में मैं दुनिया के कई देशों में घूमने जा रहा हूं, ब्यूटीफुल सीनरी, जंगली जगहों पर जैसे कि कोलंबिया, कंबोडिया, मलेशिया, ब्राजील, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, रूस, आदि.

निष्कर्ष (Conclusion)

यात्रा करने से मुझे देश के इतिहास के बारे में बहुत कुछ सीखने, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थानों को देखने, विभिन्न राष्ट्रीयताओं के लोगों से मिलने, उनकी परंपराओं, रीति-रिवाजों और संस्कृति के बारे में बहुत कुछ सीखने का अच्छा अवसर मिलता है.

यात्रा हमें आलस के समय के दौरान व्यस्त रखती है. यह समय का उपयोग करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है जब तक व्यक्ति नियमित रूप से शारीरिक और मानसिक रूप से टूट जाता है. यात्रा करने से शारीरिक और मानसिक तनाव दूर होते है.

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Dear Students, मैं आशा करता हूँ की आपको Essay on My Hobby In Hindi (मेरी रुचि पर निबंध) को पढ़कर अच्छा लगा होगा. अब आप भी Essay on My Hobby In Hindi के बारे में लिख सकते है और लोगो को समझा सकते है. यदि आपको इस Essay on My Hobby In Hindi से related कोई भी समस्या (problem) है तो आप हमें comment करके पूछ सकते है.

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Thakur Aman Singh

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